बिहारवालों के अकाउंट में फिर आएंगे 7-7 हजार रुपये, CM सम्राट चौधरी ने किया ऐलान, नोट कर लें तारीख
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बिहार में बाढ़ से भारी तबाही हुई है, जिससे हजारों लोग प्रभावित हुए हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर राहत शिविरों का निरीक्षण किया और पीड़ितों को भोजन परोसा। उन्होंने अधिकारियों को 7,000 रुपये प्रति परिवार राहत राशि देने का निर्देश दिया, जो 9 अक्टूबर को भेजी जाएगी। मुख्यमंत्री ने राहत और बचाव कार्य तेज करने तथा बाढ़ के स्थायी समाधान के लिए कोसी और महानंदा नदी का सर्वे कराने की बात कही।... और पढ़ें
Bihar MLC Chunav: अनंत सिंह का बागी स्टाइल, जनसुराज कैंडिडेट के नोमिनेशन पर छोटे सरकार ने बनवाए 50 हजार रसगुल्ले
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पटना स्नातक सीट पर बिहार विधान परिषद चुनाव में मुकाबला रोचक हो गया है। मोकामा के जेडीयू विधायक अनंत सिंह ने अपनी ही पार्टी के उम्मीदवार नीरज कुमार की बजाय जन सुराज के अनुज सिंह का समर्थन किया है। अनुज सिंह के नामांकन के मौके पर 50 हजार रसगुल्ले बांटने की तैयारी की गई है। अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच लंबे समय से मतभेद हैं, जिससे यह चुनाव चर्चा में है। मतदान 23 अक्टूबर को होगा और मतगणना 27 अक्टूबर को होगी।... और पढ़ें
‘ऊपर तक जाता है पैसा…’ वायरल ऑडियो पर SSP का एक्शन, 2 पुलिसवाले सस्पेंड
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वैशाली, बिहार में पुलिस विभाग की छवि फिर दागदार हुई है। महुआ थाने के PSI दीनबंधु कुमार का एक कथित ऑडियो वायरल हुआ, जिसमें वे पुलिस में पैसे के लेनदेन और अपराधियों को छोड़ने की बात करते सुनाई दे रहे हैं। जांच के बाद एसएसपी ने अपर थानाध्यक्ष सोनू गुप्ता और PSI दीनबंधु कुमार को निलंबित कर दिया है। पहले भी PSI दीनबंधु पर गंभीर आरोप लगे थे। मामले की जांच जारी है और वायरल ऑडियो की पुष्टि अभी नहीं हुई है।... और पढ़ें
गंडक ने मचाई तबाही, छपरा-मुजफ्फरपुर-गोपालगंज में टूटे बांध, गांवों में घुसा बाढ़ का पानी
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बिहार में गंडक और नारायणी गंडक नदी के तटबंध टूटने से छपरा, गोपालगंज और मुजफ्फरपुर के कई गांवों में बाढ़ का संकट गहरा गया है। घरों, सड़कों और स्कूलों में पानी भर गया है, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है। प्रशासन और राहत टीमों द्वारा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है। ग्रामीणों ने राहत सामग्री और नाव की व्यवस्था की मांग की है। फसल और घरों का सामान पानी में बर्बाद हो गया है।... और पढ़ें
बाढ़ के पानी में केले के थम का सहारा, डूबने ही वाले थे सुरेंद्र… तभी पहुंचे ‘देवदूत’
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पूर्वी चंपारण के केसरिया प्रखंड में बाढ़ से हालात गंभीर हैं। बैरिया पंचायत के सुरेंद्र महतो बाढ़ के पानी में फंस गए थे, जिन्हें केले के थम के सहारे बचना पड़ा। NDRF की टीम ने समय रहते सुरेंद्र को सुरक्षित बाहर निकाला। केसरिया, संग्रामपुर और अरेराज में बाढ़ के कारण कई इलाकों में पानी भर गया है। प्रशासन राहत और बचाव कार्य तेज़ी से चला रहा है, सामुदायिक किचन और राहत सामग्री भी उपलब्ध कराई जा रही है।... और पढ़ें
खाना बनाने के तुरंत बाद बर्तनों को धो लें। इससे सूखे हुए खाने के दाग नहीं लगेंगे और बाद में सफाई करना आसान होगा। काउंटरटॉप्स को भी तुरंत पोंछ लें ताकि गंदगी जमा न हो।
आज का इतिहास
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1949 में, चीन जनवादी गणराज्य की स्थापना हुई, माओत्से तुंग ने बीजिंग में इसकी घोषणा की। यह चीन के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ था।
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1953 में, आंध्र प्रदेश भारत का पहला भाषाई राज्य बना, जिसे मद्रास राज्य से अलग किया गया। यह भारतीय राज्यों के पुनर्गठन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था।
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1890 में, योसेमाइट नेशनल पार्क की स्थापना संयुक्त राज्य अमेरिका में हुई, जो अपनी शानदार प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है।
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1960 में, नाइजीरिया को यूनाइटेड किंगडम से स्वतंत्रता मिली, जिससे यह एक संप्रभु राष्ट्र बन गया। यह अफ्रीकी उपनिवेशवाद के अंत का प्रतीक था।
दिनभर की खबरों का डोज
विधायक राजू तिवारी ने कंधे पर बोरा उठाकर बचाई तटबंध, जल संसाधन विभाग प
पूर्वी चंपारण में बाढ़ के कारण तटबंधों पर दबाव बढ़ गया है और कई स्थानों पर बांधों में रिसाव व टूट-फूट हो रही है। अरेराज के जितवारपुर मिश्र टोला के पास मुख्य तटबंध का हिस्सा टूटने पर विधायक राजू तिवारी ने ग्रामीणों के साथ मिलकर बचाव कार्य किया और जल संसाधन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया। प्रशासन द्वारा राहत और बचाव कार्य जारी है तथा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सामुदायिक किचन और राहत सामग्री वितरित की जा रही है।
कल्पना करो कि तुम्हारे पास एक जादुई तार है जो दुनिया के हर कंप्यूटर से जुड़ा है। इंटरनेट वही जादुई तार है! यह तुम्हें दोस्तों से बात करने, गेम खेलने और नई चीजें सीखने में मदद करता है, चाहे वे कहीं भी हों। यह एक बहुत बड़ा पुस्तकालय और खेल का मैदान एक साथ है!
जितिया: मिथिला का लोकपर्व, मातृत्व और त्याग का प्रतीक.
मिथिला में जितिया पर्व माताओं द्वारा संतान की दीर्घायु, स्वास्थ्य और सुख की कामना के लिए मनाया जाता है। इसे जीवित्पुत्रिका व्रत भी कहा जाता है। इस पर्व में मातृत्व, त्याग, लोकविश्वास और सामूहिकता की झलक मिलती है। जीमूतवाहन की पौराणिक कथा और महाभारत के परीक्षित की कथा से इसकी मान्यता जुड़ी है। मिथिला में जितिया लोकजीवन का उत्सव है, जिसमें महिलाएं लोकगीतों के माध्यम से अपनी भावनाएं व्यक्त करती हैं। नहाय-खाय और ओठगन जैसी परंपराएं भी इसमें शामिल हैं।
अपने दिन की शुरुआत सबसे मुश्किल काम से करें। इसे 'मेंढक को निगलना' कहते हैं। जब आप सबसे कठिन काम पहले पूरा कर लेते हैं, तो बाकी दिन आसान लगता है और आप अधिक प्रेरित महसूस करते हैं।
बिहार बोर्ड परीक्षा 2027: फॉर्म भरने की अंतिम तिथि बढ़ी, छात्रों को मि
बिहार बोर्ड ने मैट्रिक और इंटर की वार्षिक परीक्षा 2027 के लिए ऑनलाइन परीक्षा फॉर्म भरने और फीस जमा करने की अंतिम तिथि 15 अक्टूबर 2026 तक बढ़ा दी है। जिन छात्रों का रजिस्ट्रेशन पहले नहीं हो पाया था, वे 1 से 6 अक्टूबर 2026 के बीच लेट फीस के साथ रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। इंटर के छात्रों के लिए intermediate.biharboardonline.com और मैट्रिक के लिए secondary.biharboardonline.org पोर्टल पर प्रक्रिया पूरी होगी। छात्रों को समय पर फॉर्म भरने की सलाह दी गई है।
जब मम्मी कहती हैं 'एक और रोटी ले लो', और तुम पहले ही तीन खा चुके हो।
मुजफ्फरपुर में गंडक नदी का बांध टूटा, कई गांवों में फैला बाढ़ का पानी
मुजफ्फरपुर के पारु प्रखंड के जयमल डुमरी इलाके में गंडक नदी का बांध टूटने से बाढ़ का संकट गहरा गया है। बांध टूटने के बाद कई गांवों में पानी फैल गया है, जिससे लोगों को भारी परेशानी हो रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन पर समय रहते मरम्मत न कराने का आरोप लगाया है और राहत-बचाव कार्य तेज करने की मांग की है। आसपास के दूसरे बांध के भी टूटने का खतरा बना हुआ है, जिससे सैकड़ों गांवों के जलमग्न होने की आशंका है।
2. अपने किसी पुराने दोस्त को फोन करके हालचाल पूछें।
3. आज एक नई हिंदी कविता या कहानी पढ़ें।
4. अपने घर के किसी एक कोने को व्यवस्थित करें।
5. रात के खाने में कुछ नया और पौष्टिक बनाएं।
मुजफ्फरपुर में गोबरसही आरओबी का काम तेज, 2028 तक होगा पूरा.
मुजफ्फरपुर के गोबरसही चौक पर जाम की समस्या को दूर करने के लिए लगभग 167 करोड़ रुपये की लागत से आरओबी का निर्माण तेजी से हो रहा है। पाइलिंग सहित अन्य कार्य जारी हैं और 2028 की शुरुआत तक निर्माण पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। आरओबी बनने के बाद रेलवे फाटक पर वाहनों को रुकना नहीं पड़ेगा, जिससे समय और ईंधन की बचत होगी तथा ट्रैफिक दबाव कम होगा। फिलहाल मजदूर और मशीनें दिन-रात निर्माण में जुटी हैं।
बिहारवालों के अकाउंट में फिर आएंगे 7-7 हजार रुपये, CM सम्राट चौधरी ने किया ऐलान, नोट कर लें तारीख
बिहार में हाल ही में आई बाढ़ ने राज्य के कई जिलों में व्यापक तबाही मचाई है। नदियों के उफान के कारण हजारों लोगों के घर उजड़ गए हैं और उन्हें राहत शिविरों या खुले आसमान के नीचे जीवन व्यतीत करने को मजबूर होना पड़ा है। इस आपदा के चलते बच्चों की शिक्षा, बड़ों की आजीविका और बुजुर्गों की स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं गंभीर रूप से प्रभावित हुई हैं।
इसी संकट के बीच, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और राहत कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने पश्चिम चंपारण के बैरिया प्रखंड के बथना स्थित राहत शिविर में स्वयं लोगों को भोजन परोसा और शिविर में उपलब्ध सुविधाओं—जैसे चिकित्सा, स्वच्छ पेयजल, शौचालय, पशुओं के लिए राहत शिविर और आवास व्यवस्था—का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
सरकार ने बाढ़ पीड़ित परिवारों को 7,000 रुपये की सहायता राशि देने का ऐलान किया है, जो 9 अक्टूबर को प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से उनके खातों में भेजी जाएगी। इससे पूर्व भी 15 सितंबर को 8,27,472 परिवारों को इसी प्रकार की सहायता राशि दी गई थी। इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि जब तक हालात सामान्य नहीं होते, सामुदायिक रसोई और राहत कार्य लगातार जारी रहें।
मुख्यमंत्री ने बाढ़ की स्थायी समस्या के समाधान के लिए नेपाल की तराई से आने वाले पानी और कोसी, महानंदा जैसी नदियों के सर्वेक्षण की बात कही है। सरकार की प्राथमिकता है कि प्रभावित लोग जल्द से जल्द अपने घर लौट सकें और सामान्य जीवन बहाल हो सके। यह घटनाक्रम राज्य सरकार की त्वरित प्रतिक्रिया, राहत कार्यों की पारदर्शिता और बाढ़ के दीर्घकालिक समाधान की दिशा में उठाए जा रहे कदमों को दर्शाता है।
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Bihar MLC Chunav: अनंत सिंह का बागी स्टाइल, जनसुराज कैंडिडेट के नोमिनेशन पर छोटे सरकार ने बनवाए 50 हजार रसगुल्ले
पटना स्नातक सीट के लिए बिहार विधान परिषद चुनाव में इस बार मुकाबला बेहद दिलचस्प और चर्चित हो गया है। मोकामा से जनता दल यूनाइटेड (JDU) के विधायक अनंत सिंह ने अपनी ही पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी नीरज कुमार के बजाय जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार अनुज सिंह का समर्थन कर राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। अनंत सिंह ने अनुज सिंह के नामांकन के मौके पर 50 हजार रसगुल्ले तैयार करवाए हैं, जिन्हें नामांकन के दिन समर्थकों और आम लोगों के बीच बांटा जाएगा। इस अनूठी पहल ने चुनावी माहौल को और रोचक बना दिया है।
गौरतलब है कि JDU ने मौजूदा विधान पार्षद नीरज कुमार को फिर से प्रत्याशी बनाया है, जबकि जन सुराज ने अनुज सिंह को मैदान में उतारा है। अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच लंबे समय से राजनीतिक मतभेद चले आ रहे हैं, जो अब खुलकर सामने आ गए हैं। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने दोनों के बीच सुलह कराने की कोशिश की, लेकिन मतभेद दूर नहीं हो सके। अनंत सिंह का अनुज सिंह को खुला समर्थन पार्टी के भीतर असंतोष और गुटबाजी को उजागर करता है।
चुनाव प्रक्रिया के अनुसार, 29 सितंबर 2026 को अधिसूचना जारी हुई है। 6 अक्टूबर तक नामांकन दाखिल किए जा सकते हैं। 7 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी और 9 अक्टूबर तक नाम वापस लिए जा सकते हैं। मतदान 23 अक्टूबर को होगा और मतगणना 27 अक्टूबर को होगी। पूरी प्रक्रिया 31 अक्टूबर तक पूरी कर ली जाएगी। यह चुनाव न केवल राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित करेगा, बल्कि JDU के भीतर गुटबाजी और असंतोष को भी उजागर करता है।
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‘ऊपर तक जाता है पैसा…’ वायरल ऑडियो पर SSP का एक्शन, 2 पुलिसवाले सस्पेंड
वैशाली जिले में पुलिस विभाग की कार्यशैली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। हाल ही में एक कथित वायरल ऑडियो सामने आया है, जिसमें महुआ थाने के PSI दीनबंधु कुमार पुलिस में पैसों के लेनदेन और अपराधियों को पैसे लेकर छोड़ने की बात करते सुनाई दे रहे हैं। ऑडियो में शराब और नशीले पदार्थों के कारोबार से जुड़े अपराधियों को छोड़ने के लिए पैसे की मांग और ऊपर तक पैसा पहुंचाने की बात कही गई है। इस ऑडियो के वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी।
इस मामले में जांच के बाद वैशाली के एसएसपी ने महुआ थाने के अपर थानाध्यक्ष सोनू गुप्ता और PSI दीनबंधु कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। हालांकि, वायरल ऑडियो की पुष्टि अभी नहीं हुई है और इसकी जांच जारी है।
महुआ थाने के PSI दीनबंधु कुमार पर पहले भी भ्रष्टाचार और दुर्व्यवहार के आरोप लगे हैं। महुआ निवासी प्रिंस कुमार ने आरोप लगाया था कि उन्हें बिना नंबर की बाइक रोकने के बाद थाने लाया गया, उनके साथ मारपीट की गई और 25 हजार रुपये की मांग की गई। बाद में 20 हजार रुपये लेकर उन्हें छोड़ा गया। प्रिंस ने इस संबंध में SDPO महुआ को आवेदन और कॉल रिकॉर्डिंग के सबूत भी दिए थे।
वैशाली जिले में इससे पहले महनार थाने में भी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हो चुकी है, जहां 8 पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया था। लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों से जिले में पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल वायरल ऑडियो और आरोपों की जांच जारी है और अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
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गंडक ने मचाई तबाही, छपरा-मुजफ्फरपुर-गोपालगंज में टूटे बांध, गांवों में घुसा बाढ़ का पानी
बिहार में गंडक नदी और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ने से बाढ़ का संकट गंभीर रूप ले चुका है। छपरा, गोपालगंज और मुजफ्फरपुर जिलों में कई स्थानों पर तटबंध और बांध टूटने से पानी तेजी से गांवों में फैल गया है, जिससे हजारों लोग प्रभावित हुए हैं।
छपरा के पानापुर और बृत भगवानपुर में गंडक नदी का तटबंध टूटने से आसपास के गांवों में पानी घुस गया है। इसी तरह, गोपालगंज के बैकुंठपुर में शीतलपुर बांध टूटने से शीतलपुर, खोम्हारीपुर, गम्हरिया और बांसघाट मसुरियां सहित कई गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। इन इलाकों में घरों, सड़कों और विद्यालयों में पानी भर गया है, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। खेतों में पानी भरने से गन्ना, मक्का और धान की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है।
मुजफ्फरपुर के पारू प्रखंड के जयमल डुमरी गांव में नारायणी गंडक का बांध टूटने के बाद दर्जनों गांवों में पानी घुस गया। एनडीआरएफ की 30 सदस्यीय टीम ने देर रात तक रेस्क्यू अभियान चलाकर फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। इसी जिले के साहेबगंज प्रखंड के माधोपुर हजारी में भी तटबंध टूटने से स्थिति और गंभीर हो गई है।
छपरा के तरैया प्रखंड के आकूचक गांव में जमींदारी बांध टूटने के बाद भी बाढ़ का पानी तेजी से फैल रहा है। प्रभावित इलाकों में ग्रामीण प्रशासन से राहत और बचाव कार्य तेज करने की मांग कर रहे हैं।
बाढ़ के कारण कई परिवारों के घरों में रखा सामान, अनाज और बच्चों की किताबें बर्बाद हो गई हैं। प्रशासन और राहत एजेंसियां लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए हैं और प्रभावितों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का प्रयास कर रही हैं। यह बाढ़ राज्य के लिए एक बड़ी प्राकृतिक आपदा बन गई है, जिससे जन-धन की भारी क्षति हुई है।
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बाढ़ के पानी में केले के थम का सहारा, डूबने ही वाले थे सुरेंद्र… तभी पहुंचे ‘देवदूत’
पूर्वी चंपारण जिले के केसरिया प्रखंड में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है, जिससे स्थानीय लोगों की परेशानियां बढ़ गई हैं। बैरिया पंचायत के वार्ड नंबर 5 में बाढ़ का पानी भर जाने के कारण सुरेंद्र महतो फंस गए थे। चारों ओर पानी होने के कारण उनके पास बचने का कोई साधन नहीं था, इसलिए उन्होंने केले के थम का सहारा लेकर खुद को डूबने से बचाया। सुरेंद्र महतो काफी देर तक पानी में फंसे रहे, लेकिन इसी दौरान राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीम की नजर उन पर पड़ी। NDRF के जवानों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और सुरेंद्र महतो को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
NDRF की टीम की तत्परता और समय पर कार्रवाई से सुरेंद्र महतो की जान बच गई। स्थानीय लोगों ने NDRF की टीम की सराहना की और उनकी भूमिका को देवदूत की तरह बताया। वर्तमान में NDRF की टीम केसरिया और संग्रामपुर के बाढ़ प्रभावित इलाकों में लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही है। बाढ़ प्रभावित वार्डों से लोगों को निकालकर सुरक्षित और ऊंचे स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।
पूर्वी चंपारण के केसरिया, संग्रामपुर और अरेराज क्षेत्रों में बाढ़ के कारण कई इलाकों में पानी भर गया है। पानी के दबाव से कई रिंग बांध भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं। प्रशासन की ओर से राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए गए हैं। प्रभावित इलाकों में सामुदायिक किचन चलाए जा रहे हैं, जहां बाढ़ पीड़ितों को भोजन और राहत सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। NDRF की टीम जरूरत के अनुसार लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही है। यह घटना बाढ़ के दौरान प्रशासन और बचाव दल की तत्परता तथा मानवीय संवेदनशीलता को दर्शाती है।